जनपद महराजगंज/( न्यू सूर्या टाइम) सिहुली परसा मिठौरा ब्लॉक : महराजगंज जनपद के मिठौरा ब्लॉक क्षेत्र के सिहुली परसा टोला वनटांगिया नर्सरी 26,27 में 4 एकड़ 90 डिसमिल में लगाया जा रहा था पौधा जो वनटांगिया के ग्रामवासियों ने वृक्षारोपण को रुकवा कर विरोध प्रदर्शन करने लगे और साथ ही साथ उक्त जमीन पर पेड़ नहीं लगाने की मांग की।उनका कहना था कि ग्राम सभा की जमीन पर वृक्षारोपण नही किया जाना चाहिए जबकि सरकारी तंत्र का मानना है कि खाली भूमि पर पेंड पौधे लगाकर वातावरण को मनोहारी बनाया जाय।
सुत्रों के मुताबिक आपको बताते चले की मिठौरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम सभा सिहुली परसा टोला वनटांगिया क्षेत्र 26, 27 कंपार्टमेंट में जिलाधिकारी ,सीडीओ ,डीएफओ महोदय के द्वारा आज से करीब 15 दिन पहले पहुंचकर 4 एकड़ 90 डिसमिल जमीन पर वृक्षारोपण कराए जाने का प्रस्ताव बनाया था जिसके क्रम में बुधवार को करीब 11:00 बजे उक्त ग्राम सभा के सैकड़ों महिला पुरुष मंडीस्थल पर इकट्ठा होकर कराए गए कार्य का विरोध करने लगे और तारबाड़ के लिए चलाए गए पिलर को तोड़ दिए जिसकी सूचना खंड विकास अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव को मिली तत्काल मौके पर एडीओ पंचायत ,एपीओ मनरेगा सहित पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया, किसी भी सूरत में ग्रामीण उक्त स्थान पर वृक्ष लगाए जाने को तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों में रामाशंकर मौर्या ,हरेंद्र यादव, संध्या पत्नी हरेंद्र, पूनम पत्नी जितेंद्र ,पानादेवी पत्नी रामअचल, शकुंतला पत्नी ध्रुव ,परमशीला पत्नी हरिमोहन, उषा देवी पत्नी विजय प्रताप, संगीता पत्नी विनोद, जयनाती पत्नी राजेंद्र, प्रियंका देवी, कुसुम पत्नी प्रहलाद तथा मलंग एवं ओम प्रकाश सहित सैकड़ों महिला व पुरुषों ने एक स्वर में कहा कि जब यह ग्राम सभा जंगल के बीचो- बीच में है और आसपास पेड़ लगे हुए हैं तो पेड़ लगाए जाने की क्या आवश्यकता है यदि पेड़ लग जाएगा तो हमारे बाल बच्चे कहां खेलेंगे? कहां कुदेंगे ? कहां अस्पताल बनेगा? कहां आंगनबाड़ी भवन बनेगा ?।
यदि सरकार पेड़ लगा देगी तो फिर इस जमीन पर विकास कार्य नहीं हो पाएंगे ऐसा आरोप लगाते हुए वृक्षारोपण कराए जाने का विरोध किया । खंड विकास अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उक्त ग्राम सभा का पूर्व प्रधान हरेंद्र यादव ने खड़यंत्र रचकर भोली भाली जनता को इकट्ठा कराकर वृक्षारोपण कराए जाने का विरोध कराया बाद में भीड़ उग्र हो गई और समझाने बुझाने पर भी वृक्षारोपण कराने को तैयार नहीं हुए, स्थित की गंभीरता को देखते हुए हम लोगों ने वहां से निकल जाना ही उचित समझा फिलहाल उक्त जगह पर वृक्षारोपण ना कराकर अब दूसरे जगह कराया जाएगा।
