जनपद/महराजगंज(न्यू सूर्या टाइम)1जनवरी 2025 को जिले के अधिकारी आराम फरमाते नजर आए वहीं दूसरी ओर जिले ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार द्वारा मनरेगा योजना से संबंधित कार्य संचालित कर सिर्फ कागजों में खाना पूर्ति करते देखा गया जिससे नए साल के अवसर पर मनरेगा योजना से फर्जी आनलाइन हाजिरी लगाकर जिम्मेदारों ने खूब धूम मचाई । लेकिन जिले के जिम्मेदार अधिकारीयों के पास उतना समय कहा है कि वह कार्य स्थली पर पहुंचकर जॉच कर सके ।
सुत्रो के मुताबिक आपको बताते चलें कि जिले में जगह-जगह से मिले जानकारी अनुसार 1 जनवरी को नए साल की उपलक्ष में लोगों ने घर में नए-नए पकवान बनाए ,मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा अर्चना के साथ अपने मित्रों के साथ पार्टी एंजॉय करते नजर आए तथा घर पर आराम फरमाते नजर आए फिर भी जनपद के सभी विकास खंडो के ग्राम पंचायतो में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार सामने आया है। रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। यही नहीं पुराने फोटो से फोटो लगाकर लाखों रुपए का गोलमाल किया जा रहा है ।जो यह कार्य कागजों में सिमटकर रह गया है मनरेगा योजना धरातल से गायब होते नज़र आ रहे हैं वही मनरेगा मजदूरों के लिए संकटों के बादल मंडरा रहा है लेकिन अधिकारियों की नज़र इन पर न पड़कर सिर्फ कमीशन पर टिका हुआ है। यही कारण है कि 1 जनवरी के दिन जिले के बृजमनगंज में 24 ग्राम पंचायत में 158 मास्टर रोल व 1333मनरेगा मजदूर ,धानी ब्लॉक में 3 ग्राम पंचायत में 21 मास्टर रोल 195 मजदूर ,घुघुली ब्लॉक में 57ग्राम पंचायत में 492 मास्टर रोल 4146 मजदूर , लक्ष्मीपुर ब्लाक में 24 ग्राम पंचायत में 124 मास्टर रोल 1026 मजदूर, सिसवा ब्लॉक में 20 ग्राम पंचायत में 135 मास्टर रोल 1142 मजदूर ,मिठौरा ब्लाक में 50 ग्राम पंचायत द्वारा 506 मास्टर रोल 4302 मजदूर ,नौतनवा ब्लॉक में 55 ग्राम पंचायत में 446 मास्टर रोल 3921 मजदूर ,निचलौल में 56 ग्राम पंचायत में 474 मास्टर रोल 4129 मजदूर ,पनियरा ब्लाक में 57 ग्राम पंचायत में 546 मास्टर रोल 4706 मजदूर , परतावल ब्लॉक में 27 ग्राम पंचायत में 256 मास्टर रोल 212 मजदूर, फरेंदा ब्लॉक में 33 ग्राम पंचायत में 125 मास्टर रोल 1011 मजदूर, वही सिसवा ब्लॉक में 44 ग्राम पंचायत में 375 मास्टर रोल 3242 मजदूर द्वारा नए साल की उपलक्ष में मनरेगा कार्य योजना के अंतर्गत कागजों की खानापूर्ति में कार्य करते हुए दिखाई दिए लेकिन धरातल पर सच्चाई कब पता चला जब मनरेगा मजदूर घर पर आराम से नए साल की उपलक्ष में आराम फरमाते हुए दिखाई दिए। लेकिन इस संबंध में जिम्मेदारों ने आंख बंद कर चैन की नींद सो रहे हैं।
मुख्य संपादक दिनेश कुमार
महराजगंज
